नगपूजा
नागपूजा क्या है?
नाग पूजा नाम से ही स्पष्ट हो रहा है।
नाग जो की एक सर्प कि प्रजाति है, आर्थात सर्प की पूजा ।
नागपूजा को हिन्दू लोग बड़े ही इक्षुक मन से मनाते है। नाग देव/ शेषनाग को सर्पो का राजा कहा जाता है, नाग पंचमी के दिन इसकी पूजा की जाती है व इनको दूध पिलाया जाता है।आदि
नागपूजा कैसे किया जाता है?
नाग पूजा हिंदू लोग बड़े धूमधाम से मनाते है इसके लिए नागपंचमी के दिन उपवास भी रखते है और नाग या सर्प पाए जाने वाले स्थान जैसे शिवलिंग आदि में दूध चड़ाया/पिलाया जाता है।
नगापूजा की शुरुआत
नाग पूजा की शुरआत की बहुत से रोचक बातें प्रचलित है इनमें से एक यह है कि -
द्वापर युग के अंत और कलियुग की शुरुआत में एक बार राजा परीक्षित ने श्रृंगी ऋषि के गुरु के गले में मृत सर्प को लपेट दिया था इससे अशुब्ध होकर श्रृगी ऋषि ने उनको श्राप दे दिया कि यही सर्प से आपकी मृत्यु होगा।
सात दिन बाद मृत सर्प जीवित होकर राजा परीक्षित को डंक मारकर मृत्यु के द्वार पहुंचा दिया।
राजा जन्मजेय जो की राजा परीक्षित का पुत्र था उन्होंने क्रोध में आकर सारे सर्प प्रजाति को खत्म करने के लिए यज्ञ किया जिससे सारे सर्प प्रजाति का विनाश होने लगा यह सब देखकर भगवान ने एक आस्तिक नामक ऋषि को भेजा।
आस्तिक ऋषि ने राजा जन्मजेय को समझाया तभी से आज तक उसी दिन नागपंचमी को मनाया जाता है जिसमें सार्पो के राजा नाग की पूजा होता है।
क्या नागपुजा से हमें लाभ मिलता है गीतानुसर
नाग पूजा एक प्रचलिक्त पूजा है जिसे एक त्यौहार के रूप में भी मानते है।
इसका वर्णन केवल पुराणों में है।
गीता जी में इसका कोई वर्णन नहीं है
गीता जी में उपवास व्रत आदि व अन्य देवों की पूजा को माना किया गया है अर्थात नागपूजा करना व्यर्थ हैै इसका कोई लाभ नहीं मिलता हैं।
क्या नागपूजा से मोक्ष संभव है।
नागपूजा से मोक्ष संभव नहीं नाग केवल एक सर्प की प्रजाति है इसे एक पर्मापरिक रूप से पूजा जाता है।इनका वर्णन हमारे शास्त्रों में नहीं है।
मोक्ष केवल शास्त्रों वर्णित विधि से हो सकता है।
शास्त्रानुसार भक्ति क्या है।
जो हमारे शास्त्र जैसे गीता,कुरान,बाइबल,गुरुग्रंथ साहिब,वेद आदि में वर्णित होगा वहीं हमरे भक्ति करने का सही भक्ति विधि है इसके आलवा हम जो अन्य भक्ति करते है वे सभी निष्फल है।
उन भक्ति को करने से हमें कोई लाभ नहीं मिलेगा।
लाभ केवल शास्त्रों में वर्णित विधि से भक्ति करने से होता है।
सच्चे संत और सही भक्ति विधि क्या है।
सच्चे संत वे होते है जिनके अनुयाई जीवनपरयंत खुश हो उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो ,
सच्चे संत की शरण में जाने से दुख स्वतः दूर हो जाते है।
वर्तमान में सच्चे संत कौन है तथा वास्तविक भक्ति विधि क्या है जो हमरे शास्त्रों में वर्णित है।
जानने के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट पर विजिट करें।
www.jagatgururampalji.org
नागपूजा क्या है?
नाग पूजा नाम से ही स्पष्ट हो रहा है।
नाग जो की एक सर्प कि प्रजाति है, आर्थात सर्प की पूजा ।
नागपूजा को हिन्दू लोग बड़े ही इक्षुक मन से मनाते है। नाग देव/ शेषनाग को सर्पो का राजा कहा जाता है, नाग पंचमी के दिन इसकी पूजा की जाती है व इनको दूध पिलाया जाता है।आदि
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| Nag - Panchami |
नागपूजा कैसे किया जाता है?
नाग पूजा हिंदू लोग बड़े धूमधाम से मनाते है इसके लिए नागपंचमी के दिन उपवास भी रखते है और नाग या सर्प पाए जाने वाले स्थान जैसे शिवलिंग आदि में दूध चड़ाया/पिलाया जाता है।
नगापूजा की शुरुआत
नाग पूजा की शुरआत की बहुत से रोचक बातें प्रचलित है इनमें से एक यह है कि -
द्वापर युग के अंत और कलियुग की शुरुआत में एक बार राजा परीक्षित ने श्रृंगी ऋषि के गुरु के गले में मृत सर्प को लपेट दिया था इससे अशुब्ध होकर श्रृगी ऋषि ने उनको श्राप दे दिया कि यही सर्प से आपकी मृत्यु होगा।
सात दिन बाद मृत सर्प जीवित होकर राजा परीक्षित को डंक मारकर मृत्यु के द्वार पहुंचा दिया।
राजा जन्मजेय जो की राजा परीक्षित का पुत्र था उन्होंने क्रोध में आकर सारे सर्प प्रजाति को खत्म करने के लिए यज्ञ किया जिससे सारे सर्प प्रजाति का विनाश होने लगा यह सब देखकर भगवान ने एक आस्तिक नामक ऋषि को भेजा।
आस्तिक ऋषि ने राजा जन्मजेय को समझाया तभी से आज तक उसी दिन नागपंचमी को मनाया जाता है जिसमें सार्पो के राजा नाग की पूजा होता है।
क्या नागपुजा से हमें लाभ मिलता है गीतानुसर
नाग पूजा एक प्रचलिक्त पूजा है जिसे एक त्यौहार के रूप में भी मानते है।
इसका वर्णन केवल पुराणों में है।
गीता जी में इसका कोई वर्णन नहीं है
गीता जी में उपवास व्रत आदि व अन्य देवों की पूजा को माना किया गया है अर्थात नागपूजा करना व्यर्थ हैै इसका कोई लाभ नहीं मिलता हैं।
क्या नागपूजा से मोक्ष संभव है।
नागपूजा से मोक्ष संभव नहीं नाग केवल एक सर्प की प्रजाति है इसे एक पर्मापरिक रूप से पूजा जाता है।इनका वर्णन हमारे शास्त्रों में नहीं है।
मोक्ष केवल शास्त्रों वर्णित विधि से हो सकता है।
शास्त्रानुसार भक्ति क्या है।
जो हमारे शास्त्र जैसे गीता,कुरान,बाइबल,गुरुग्रंथ साहिब,वेद आदि में वर्णित होगा वहीं हमरे भक्ति करने का सही भक्ति विधि है इसके आलवा हम जो अन्य भक्ति करते है वे सभी निष्फल है।
उन भक्ति को करने से हमें कोई लाभ नहीं मिलेगा।
लाभ केवल शास्त्रों में वर्णित विधि से भक्ति करने से होता है।
सच्चे संत और सही भक्ति विधि क्या है।
सच्चे संत वे होते है जिनके अनुयाई जीवनपरयंत खुश हो उनको किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो ,
सच्चे संत की शरण में जाने से दुख स्वतः दूर हो जाते है।
वर्तमान में सच्चे संत कौन है तथा वास्तविक भक्ति विधि क्या है जो हमरे शास्त्रों में वर्णित है।
जानने के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट पर विजिट करें।
www.jagatgururampalji.org
